मोबाइल वॉलेट, UPI, ऑटो-पे सब्सक्रिप्शन और भुगतान के दूसरे सुविधाजनक विकल्पों के बढ़ते इस्तेमाल के साथ, भारतीय ग्राहक ऑनलाइन खरीदारी जल्दी और आसानी से पूरी करने की उम्मीद करते हैं।
भारत में ऑनलाइन भुगतान के लिए UPI एक प्रमुख विकल्प बन चुका है। वित्त वर्ष 2024–25 में UPI ने भारत में कुल रिटेल डिजिटल पेमेंट लेनदेन की मात्रा का 81% हिस्सा दर्ज किया। इसके अलावा, ग्राहक डेबिट और क्रेडिट कार्ड, मोबाइल वॉलेट और नेट बैंकिंग जैसे दूसरे भुगतान विकल्पों का भी इस्तेमाल करते हैं।
अलग-अलग ग्राहकों की भुगतान को लेकर अलग-अलग पसंद होती है। इसलिए, अपने ऑनलाइन स्टोर पर UPI, कार्ड, डिजिटल वॉलेट और दूसरे प्रासंगिक भुगतान विकल्प उपलब्ध कराने से ग्राहकों को अपनी पसंद की विधि से भुगतान करने में आसानी हो सकती है और चेकआउट के दौरान खरीदारी छोड़ने की संभावना कम हो सकती है।
इस गाइड में ऑनलाइन स्टोर के लिए उपलब्ध आम भुगतान विधियों के बारे में बताया गया है। इसमें हर भुगतान विधि के फायदे और नुकसान के साथ-साथ यह भी बताया गया है कि अपने ईकॉमर्स स्टोर के लिए सही भुगतान विकल्प कैसे चुनें।
भुगतान के 11 विकल्प
- क्रेडिट और डेबिट कार्ड
- यूपीआई (UPI)
- अभी खरीदें, बाद में भुगतान करें (BNPL)
- बैंक ट्रांसफर (NEFT, RTGS, IMPS, डायरेक्ट डेबिट)
- नकद और कैश ऑन डिलीवरी (COD)
- डिजिटल वॉलेट
- गिफ्ट कार्ड
- क्यूआर कोड से भुगतान (QR Code)
- ऑटो-पे और बार-बार होने वाले भुगतान
- वाउचर
- लॉयल्टी पॉइंट और स्टोर क्रेडिट
ईकॉमर्स स्टोर के मालिक ग्राहकों को भुगतान करने के लिए 11 तरह के भुगतान विकल्प दे सकते हैं:
1. क्रेडिट और डेबिट कार्ड

क्रेडिट और डेबिट कार्ड सबसे आम भुगतान विधियों में से हैं, खासकर ऑनलाइन स्टोर के लिए। Visa, Mastercard और RuPay जैसी कार्ड नेटवर्क कंपनियाँ कार्ड के ज़रिए भुगतान की सुविधा देती हैं। क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने पर ग्राहक को तुरंत राशि अपने बैंक खाते से नहीं चुकानी पड़ती। इसके बजाय, भुगतान की गई राशि उनके क्रेडिट कार्ड बिल में जुड़ जाती है, जिसका भुगतान वे बाद में करते हैं।
डेबिट कार्ड से भुगतान करने पर राशि सीधे ग्राहक के बैंक खाते से कट जाती है। दोनों तरीकों से भुगतान करने के लिए, ग्राहक चेकआउट के दौरान कार्ड नंबर, समाप्ति तिथि, CVV और बिलिंग से जुड़ी जानकारी जैसी भुगतान जानकारी दर्ज करते हैं।
क्रेडिट और डेबिट कार्ड से भुगतान करने के फायदे और नुकसान
क्रेडिट कार्ड ग्राहकों को अपने बैंक खाते में तुरंत उपलब्ध नकद राशि का इस्तेमाल किए बिना खरीदारी करने की सुविधा देते हैं। भारत में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल खास तौर पर ऑनलाइन और पॉइंट-ऑफ-सेल (POS) भुगतान के लिए किया जाता है। RBI के Payment System Indicators के अनुसार, 2024 की शुरुआत में भारत में लगभग 10.2 करोड़ क्रेडिट कार्ड और 96 करोड़ से अधिक डेबिट कार्ड थे। डेबिट कार्ड से खर्च आम तौर पर ग्राहक के बैंक खाते में उपलब्ध राशि से जुड़ा होता है, इसलिए ग्राहक को भुगतान के लिए नकद साथ रखने की जरूरत नहीं पड़ती। भारत में डेबिट और क्रेडिट कार्ड दोनों का इस्तेमाल दुकानों और ऑनलाइन स्टोर पर भुगतान के लिए किया जाता है। RBI के आंकड़ों में दोनों कार्डों के लिए POS और ई-कॉमर्स लेनदेन अलग-अलग दर्ज किए जाते हैं।
स्टोर मालिकों के लिए क्रेडिट और डेबिट कार्ड से भुगतान स्वीकार करने की एक प्रमुख लागत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) और अन्य पेमेंट प्रोसेसिंग शुल्क हो सकते हैं। RBI ने कुछ डेबिट कार्ड लेनदेन के लिए MDR पर सीमाएं निर्धारित की हैं। उदाहरण के लिए, कुछ श्रेणियों में डेबिट कार्ड MDR लेनदेन राशि के 0.40% से अधिक नहीं हो सकता, जबकि अन्य श्रेणियों के लिए अलग सीमाएं लागू होती हैं।
लेनदेन पूरा होने के बाद भुगतान को स्टोर मालिक के बैंक खाते में जमा होने में लगने वाला समय पेमेंट प्रोसेसर और भुगतान व्यवस्था पर निर्भर करता है। इसलिए ऑनलाइन स्टोर के लिए पेमेंट प्रोसेसर चुनते समय प्रोसेसिंग शुल्क, सेटलमेंट समय और उपलब्ध भुगतान विकल्पों की तुलना करना उपयोगी है।
क्रेडिट और डेबिट कार्ड से भुगतान कैसे स्वीकार करें
क्रेडिट और डेबिट कार्ड से भुगतान स्वीकार करने के लिए स्टोर मालिकों को ऐसे पेमेंट प्रोसेसर (payment processor) या पेमेंट गेटवे (payment gateway) की जरूरत होती है, जो कार्ड से होने वाले लेनदेन को सपोर्ट करता हो।
Shopify समेत ज़्यादातर ईकॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म में पेमेंट प्रोसेसिंग की सुविधा पहले से उपलब्ध होती है। अगर स्टोर मालिक किसी थर्ड-पार्टी पेमेंट प्रोसेसर का इस्तेमाल करते हैं, तो उन्हें अपने प्लेटफ़ॉर्म की सेटिंग में पेमेंट गेटवे कनेक्ट करना होगा। स्टोर को लाइव करने से पहले यह भी जांच लें कि पेमेंट गेटवे किन कार्ड नेटवर्क (card networks) को सपोर्ट करता है।
2. यूपीआई (UPI)
UPI भारत में ऑनलाइन और फिजिकल स्टोर, दोनों के लिए एक प्रमुख डिजिटल भुगतान माध्यम है। Unified Payments Interface (UPI) ग्राहकों को अपने बैंक खाते से सीधे भुगतान करने की सुविधा देता है। ग्राहक UPI ID, UPI ऐप या QR कोड के जरिए भुगतान कर सकते हैं। लोकप्रिय UPI ऐप में Google Pay, PhonePe, Paytm और BHIM शामिल हैं। UPI को NPCI ने विकसित किया है और यह अलग-अलग बैंकों के खातों के बीच तुरंत भुगतान की सुविधा देता है।
ग्राहक जब UPI सेट अप करते हैं, तो उनका बैंक खाता UPI ID से जुड़ जाता है। भुगतान करते समय उन्हें हर बार बैंक खाते की पूरी जानकारी दर्ज करने की जरूरत नहीं पड़ती। इसके बजाय, वे UPI ID या अपने UPI ऐप के जरिए भुगतान को अधिकृत कर सकते हैं।
UPI से भुगतान करने के फायदे और नुकसान
UPI ग्राहकों के लिए तेज और सुविधाजनक भुगतान विकल्प है। इसका इस्तेमाल ऑनलाइन चेकआउट के साथ-साथ फिजिकल स्टोर में QR कोड या अन्य UPI विकल्पों के जरिए किया जा सकता है। UPI भुगतान 24x7 उपलब्ध है और ग्राहकों को कार्ड की जानकारी साझा किए बिना सीधे बैंक खाते से भुगतान करने की सुविधा देता है.
UPI भुगतान स्वीकार करने के लिए फिजिकल स्टोर को UPI-enabled QR या POS व्यवस्था की जरूरत हो सकती है। ऑनलाइन स्टोर के लिए ग्राहक को उपलब्ध UPI विकल्प पर रीडायरेक्ट किया जा सकता है। भुगतान की सीमाएं, शुल्क और उपलब्ध सुविधाएं बैंक, पेमेंट प्रोसेसर और भुगतान सेवा के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।
UPI से भुगतान कैसे स्वीकार करें
UPI से भुगतान स्वीकार करने के लिए स्टोर मालिकों को ऐसे पेमेंट प्रोसेसर या पेमेंट गेटवे की जरूरत होती है, जो UPI लेनदेन को सपोर्ट करता हो। ऑनलाइन स्टोर में UPI को चेकआउट पर भुगतान विकल्प के रूप में जोड़ा जा सकता है।
फिजिकल स्टोर में व्यापारी UPI QR कोड के जरिए भुगतान स्वीकार कर सकते हैं। UPI सक्षम करने से पहले अपने पेमेंट प्रोसेसर से यह जांच लें कि वह कौन-कौन से UPI विकल्प, ऐप और merchant integration methods सपोर्ट करता है।
3. अभी खरीदें, बाद में भुगतान करें (BNPL)
Buy now, pay later (BNPL) भुगतान एक तरह की क्रेडिट सुविधा है, जिसमें BNPL कंपनी या ऋणदाता ग्राहक को खरीदारी के लिए क्रेडिट देता है। इससे ग्राहक क्रेडिट कार्ड के बिना सामान खरीद सकते हैं और बाद में एकमुश्त या किस्तों में भुगतान कर सकते हैं। भारत में Amazon Pay Later और LazyPay जैसी सेवाएं BNPL या pay-later विकल्प देती हैं। Amazon Pay Later LazyPay BNPL का इस्तेमाल ऑनलाइन खरीदारी में किया जा सकता है और कुछ सेवाएं चुनिंदा ऑफलाइन व्यापारियों पर भी उपलब्ध हैं।
BNPL से भुगतान करने के फायदे और नुकसान
BNPL सेवाएं ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड के बिना खरीदारी करने की सुविधा देती हैं, जिससे वे खरीदारी की लागत को बाद में चुका सकते हैं। हालांकि, BNPL एक क्रेडिट सुविधा है, इसलिए ग्राहक को भुगतान की शर्तों, ब्याज और अन्य शुल्कों को समझना चाहिए। कुछ योजनाओं में समय पर भुगतान करने पर ब्याज नहीं लिया जाता, जबकि EMI या देर से भुगतान पर शुल्क या ब्याज लग सकता है।
व्यवसायों के लिए BNPL भुगतान स्वीकार करने से ग्राहकों को अतिरिक्त भुगतान विकल्प मिल सकता है, लेकिन व्यापारी को BNPL प्रदाता की फीस और अन्य शर्तों पर ध्यान देना चाहिए। शुल्क प्रदाता और भुगतान योजना के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
BNPL भुगतान कैसे स्वीकार करें
BNPL भुगतान स्वीकार करने के लिए स्टोर मालिकों को अपनी पेमेंट सेटिंग में उपलब्ध BNPL प्रदाता को सक्षम करना होगा। Shopify पर उपलब्ध BNPL विकल्प देश, स्टोर और पात्रता के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं।
भारत में Amazon Pay Later और LazyPay जैसी सेवाएं अपने-अपने नेटवर्क या पार्टनर व्यापारियों पर pay-later विकल्प उपलब्ध कराती हैं। प्रत्येक प्रदाता की अपनी व्यापारी पात्रता, शुल्क और भुगतान शर्तें होती हैं। BNPL सेवा जोड़ने से पहले प्रदाता की मौजूदा शर्तों और अपने पेमेंट प्रोसेसर के साथ उपलब्धता की जांच करें।
4. बैंक ट्रांसफर (NEFT, RTGS, IMPS, डायरेक्ट डेबिट)
बैंक ट्रांसफर से एक व्यक्ति या व्यवसाय के बैंक खाते से दूसरे खाते में पैसे भेजे जाते हैं। भारत में बैंक ट्रांसफर के लिए NEFT (National Electronic Funds Transfer), RTGS (Real Time Gross Settlement) और IMPS (Immediate Payment Service) जैसे विकल्प उपलब्ध हैं। बड़े भुगतान के लिए बैंक ट्रांसफर का इस्तेमाल आम है।
बैंक ट्रांसफर के फायदे और नुकसान
बैंक ट्रांसफर सुरक्षित भुगतान विकल्प हो सकते हैं और इनमें आम तौर पर लेनदेन की राशि के आधार पर प्रतिशत-आधारित कमीशन नहीं लगता। हालांकि, कुछ बैंक या भुगतान सेवाएं ट्रांसफर के लिए शुल्क ले सकती हैं। NEFT और IMPS जैसे विकल्पों की प्रोसेसिंग और शुल्क बैंक के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं, जबकि RBI ने NEFT पर बैंक द्वारा लगाए जाने वाले शुल्क के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं।
बैंक ट्रांसफर कैसे स्वीकार करें
बैंक ट्रांसफर स्वीकार करने के लिए स्टोर मालिकों को बिज़नेस बैंक अकाउंट और ग्राहकों के साथ बैंक विवरण सुरक्षित रूप से साझा करने की व्यवस्था की जरूरत होती है। ऑनलाइन स्टोर के लिए, स्टोर मालिक ऐसा पेमेंट प्रोसेसर या पेमेंट गेटवे इस्तेमाल कर सकते हैं जो बैंक ट्रांसफर या संबंधित भुगतान विकल्पों को सपोर्ट करता हो। सीधे बैंक ट्रांसफर के लिए ग्राहक को आम तौर पर स्टोर के बैंक खाते की आवश्यक जानकारी देनी होती है। ऑर्डर पूरा करने से पहले यह पुष्टि कर लें कि भुगतान वास्तव में आपके बैंक खाते में जमा हो चुका है।
5. नकद और कैश ऑन डिलीवरी (COD)
कैश भुगतान सबसे पारंपरिक भुगतान तरीकों में से एक है। इसमें ग्राहक नोट या सिक्कों के जरिए भुगतान करते हैं। हालांकि कैश का इस्तेमाल आमतौर पर फिजिकल स्टोर में होता है, कुछ ईकॉमर्स स्टोर मालिक कैश ऑन डिलीवरी (COD) को मैन्युअल भुगतान विकल्प के रूप में स्वीकार करते हैं। COD में ग्राहक को ऑर्डर मिलने पर, आमतौर पर डिलीवरी एजेंट को भुगतान करना होता है। Shopify Payments के बजाय, Shopify स्टोर में COD को मैन्युअल भुगतान विधि के रूप में सेट किया जा सकता है।
कैश भुगतान के फायदे और नुकसान
कैश भुगतान तुरंत पूरा हो जाता है और इसमें आमतौर पर प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लगता, लेकिन स्टोर पर कैश रखने से चोरी का जोखिम हो सकता है। COD में डिलीवरी तक भुगतान नहीं मिलता, जिससे ऑनलाइन स्टोर मालिकों के लिए ऑर्डर की पूर्ति और भुगतान प्रबंधन अधिक जटिल हो सकता है।
ऑनलाइन कारोबार के लिए कैश भुगतान कैसे स्वीकार करें
ऑनलाइन स्टोर मालिक Shopify Admin में COD को मैन्युअल भुगतान विधि के रूप में सक्षम कर सकते हैं।इसके लिए सेटिंग्स में जाएं, फिर भुगतान चुनें और मैन्युअल भुगतान विधियों में जाकर कैश ऑन डिलीवरी जोड़ें। स्टोर मालिक शिपिंग क्षेत्र के आधार पर कैश ऑन डिलीवरी की उपलब्धता भी सीमित कर सकते हैं, ताकि यह केवल उन क्षेत्रों में उपलब्ध हो जहां ऑर्डर की डिलीवरी संभव है।
6. डिजिटल वॉलेट
डिजिटल वॉलेट ऐप स्मार्टफोन और अन्य डिवाइस पर चलते हैं और ग्राहकों को अपनी भुगतान जानकारी सुरक्षित रूप से स्टोर करने की सुविधा देते हैं। भारत में MobiKwik जैसे डिजिटल वॉलेट ग्राहकों को भुगतान की जानकारी सेव करने और ऑनलाइन भुगतान करने की सुविधा देते हैं। ग्राहक डिजिटल वॉलेट सेट अप करने के बाद अपनी भुगतान जानकारी सुरक्षित रूप से सेव कर सकते हैं, जिससे चेकआउट के दौरान हर बार भुगतान की पूरी जानकारी दोबारा दर्ज करने की जरूरत कम हो जाती है।
डिजिटल वॉलेट से भुगतान के फायदे और नुकसान
डिजिटल वॉलेट ग्राहकों के लिए सुविधाजनक होते हैं। इनका इस्तेमाल ऑनलाइन और कुछ मामलों में फिजिकल स्टोर पर भी भुगतान करने के लिए किया जा सकता है। ग्राहकों को हर बार अपने कार्ड या बैंक खाते की पूरी जानकारी दर्ज करने की जरूरत नहीं पड़ती। हालांकि, उपलब्ध भुगतान विकल्प और सुविधाएं डिजिटल वॉलेट, बैंक, कार्ड नेटवर्क और डिवाइस के आधार पर अलग-अलग हो सकती हैं। कुछ डिजिटल वॉलेट कुछ खास कार्ड या भुगतान नेटवर्क को ही सपोर्ट कर सकते हैं।
डिजिटल वॉलेट से भुगतान कैसे स्वीकार करें
डिजिटल वॉलेट से भुगतान स्वीकार करने के लिए स्टोर मालिकों को ऐसे पेमेंट प्रोसेसर या पेमेंट गेटवे की आवश्यकता होती है जो संबंधित डिजिटल वॉलेट को सपोर्ट करता हो। ऑनलाइन स्टोर के लिए, स्टोर मालिक ऐसा पेमेंट गेटवे चुन सकते हैं जो ग्राहकों के लिए उपलब्ध डिजिटल वॉलेट और अन्य लोकप्रिय भुगतान विकल्पों को सपोर्ट करता हो। फिजिकल स्टोर में, उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर डिजिटल वॉलेट से भुगतान स्वीकार करने के लिए संगत POS टर्मिनल की आवश्यकता हो सकती है। पेमेंट विकल्प सक्रिय करने से पहले अपने पेमेंट प्रोसेसर से यह पुष्टि कर लें कि आपके स्टोर के लिए कौन-से डिजिटल वॉलेट और भुगतान तरीके उपलब्ध हैं।
7. गिफ्ट कार्ड
कुछ ग्राहक सीधे भुगतान करने के बजाय गिफ्ट कार्ड का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं। ऑनलाइन स्टोर अपने ग्राहकों को गिफ्ट कार्ड खरीदने या किसी दूसरे व्यक्ति को भेजने की सुविधा दे सकते हैं। ग्राहक इन गिफ्ट कार्ड का इस्तेमाल स्टोर पर उपलब्ध उत्पाद खरीदने के लिए कर सकते हैं।
गिफ्ट कार्ड से भुगतान के फायदे और नुकसान
गिफ्ट कार्ड ग्राहकों को भुगतान का एक सुविधाजनक विकल्प देते हैं और नए ग्राहकों को स्टोर तक लाने में भी मदद कर सकते हैं। ग्राहक इन्हें दोस्तों और परिवार के सदस्यों को उपहार के रूप में दे सकते हैं, जिससे आपके स्टोर के बारे में नए लोगों तक जानकारी पहुँच सकती है। हालांकि, गिफ्ट कार्ड की राशि आमतौर पर पहले से तय होती है। यदि खरीदारी की कुल राशि गिफ्ट कार्ड की राशि से अधिक है, तो ग्राहक को बाकी रकम किसी दूसरे भुगतान तरीके से चुकानी पड़ सकती है। व्यवसायों को गिफ्ट कार्ड की वैधता, शेष राशि और इस्तेमाल की शर्तें स्पष्ट रूप से बतानी चाहिए। साथ ही, गिफ्ट कार्ड के दुरुपयोग और धोखाधड़ी से बचने के लिए उचित सुरक्षा उपाय रखने चाहिए।
गिफ्ट कार्ड से भुगतान कैसे स्वीकार करें
गिफ्ट कार्ड से भुगतान स्वीकार करने के लिए स्टोर मालिक अपने ऑनलाइन स्टोर में गिफ्ट कार्ड की सुविधा शुरू कर सकते हैं। ग्राहक गिफ्ट कार्ड खरीदने के बाद उसका कोड भुगतान के समय इस्तेमाल कर सकते हैं। Shopify स्टोर मालिक Shopify में गिफ्ट कार्ड की सुविधा का इस्तेमाल करके ग्राहकों को डिजिटल गिफ्ट कार्ड बेच सकते हैं। ग्राहक भुगतान के समय गिफ्ट कार्ड का कोड दर्ज करके उसकी उपलब्ध राशि का इस्तेमाल खरीदारी के लिए कर सकते हैं।
8. क्यूआर कोड से भुगतान (QR Code)
QR कोड से भुगतान ग्राहकों को अपने स्मार्टफोन से QR कोड स्कैन करके भुगतान करने की सुविधा देता है। भारत में QR कोड से भुगतान आमतौर पर UPI के जरिए किया जाता है। ग्राहक QR कोड स्कैन करने के बाद अपने पसंदीदा UPI ऐप, जैसे Google Pay, PhonePe या Paytm, का इस्तेमाल करके भुगतान पूरा कर सकते हैं। QR कोड को ऑनलाइन चेकआउट, फिजिकल स्टोर, प्रोडक्ट पैकेजिंग या मार्केटिंग सामग्री पर प्रदर्शित किया जा सकता है।
QR कोड से भुगतान के फायदे और नुकसान
QR कोड से भुगतान के लिए आमतौर पर कार्ड स्वाइप या भुगतान टर्मिनल की आवश्यकता नहीं होती, जिससे यह पॉप-अप स्टोर, इवेंट और छोटे व्यवसायों के लिए उपयोगी विकल्प हो सकता है। कुछ QR भुगतान प्रणालियों को लॉयल्टी प्रोग्राम या प्रमोशन के साथ भी जोड़ा जा सकता है। हालांकि, QR कोड से भुगतान करने के लिए ग्राहकों के पास स्मार्टफोन और इंटरनेट कनेक्शन होना जरूरी हो सकता है। स्टोर मालिकों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका QR भुगतान सिस्टम मौजूदा चेकआउट प्रक्रिया के साथ काम करता हो।
QR कोड से भुगतान कैसे स्वीकार करें
QR कोड से भुगतान स्वीकार करने के लिए स्टोर मालिकों को ऐसे पेमेंट प्रोसेसर या पेमेंट गेटवे की आवश्यकता होती है जो QR कोड भुगतान को सपोर्ट करता हो। फिजिकल स्टोर में, स्टोर मालिक अपने पेमेंट प्रोसेसर या बैंक से प्राप्त UPI QR कोड प्रदर्शित कर सकते हैं। ग्राहक इसे अपने UPI ऐप से स्कैन करके भुगतान कर सकते हैं। ऑनलाइन स्टोर के लिए, कुछ पेमेंट प्रोसेसर चेकआउट के दौरान QR कोड के जरिए भुगतान करने का विकल्प देते हैं। QR कोड भुगतान सक्रिय करने से पहले अपने पेमेंट प्रोसेसर से उपलब्ध विकल्पों और इंटीग्रेशन की पुष्टि कर लें।
9. ऑटो-पे और बार-बार होने वाले भुगतान
ऑटोपे (autopay) सिस्टम तय तारीख पर ग्राहक के बैंक खाते, क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से भुगतान अपने आप काटता है। बार-बार होने वाले भुगतान (recurring payments) के लिए ग्राहक को पहले से एक वैध भुगतान तरीका सेट अप करना होता है। भारत में UPI AutoPay जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल सब्सक्रिप्शन, बिल, बीमा प्रीमियम, सदस्यता और अन्य नियमित भुगतानों के लिए किया जा सकता है।
ऑटोपे के फायदे और नुकसान
ऑटोपे ग्राहकों को हर बिलिंग साइकल में दोबारा भुगतान करने की जरूरत के बिना नियमित भुगतान करने की सुविधा देता है। इससे भुगतान छूटने की संभावना कम हो सकती है। हालांकि, ऑटोपे मुख्य रूप से नियमित या बार-बार होने वाले भुगतानों के लिए उपयोगी है और एक बार की खरीदारी के लिए आमतौर पर इसकी आवश्यकता नहीं होती। कुछ ग्राहक तब तक ऑटोपे के लिए साइन अप करने से हिचक सकते हैं, जब तक उन्हें भुगतान रद्द करने या मैनेज करने के आसान विकल्प उपलब्ध न हों।
ऑटोपे या बार-बार होने वाले भुगतान कैसे स्वीकार करें
ऑनलाइन स्टोर पर बार-बार होने वाले भुगतान स्वीकार करने के लिए स्टोर मालिकों को ऐसे भुगतान प्रोसेसर या भुगतान गेटवे की आवश्यकता होती है, जो नियमित भुगतान या सदस्यता आधारित भुगतान का समर्थन करता हो। भारत में उपलब्ध विकल्पों के आधार पर स्टोर मालिक UPI AutoPay या कार्ड से होने वाले नियमित भुगतानों का इस्तेमाल कर सकते हैं। Shopify पर सदस्यता वाले उत्पाद बेचने के लिए Shopify App Store में उपलब्ध सदस्यता ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है। स्टोर लॉन्च करने से पहले बिलिंग की आवृत्ति, ट्रायल अवधि, भुगतान विफल होने पर दोबारा प्रयास और कैंसलेशन की शर्तें सेट अप कर लें।
10. वाउचर
वाउचर ग्राहकों को किसी स्टोर से उत्पाद खरीदने के लिए पहले से तय राशि या छूट का इस्तेमाल करने की सुविधा देते हैं। स्टोर मालिक वाउचर ग्राहकों को बिक्री, प्रचार या उपहार के रूप में दे सकते हैं। ग्राहक वाउचर कोड का इस्तेमाल चेकआउट के समय अपनी खरीदारी की राशि कम करने के लिए कर सकते हैं।
वाउचर से भुगतान के फायदे और नुकसान
वाउचर नए ग्राहकों को आकर्षित करने और मौजूदा ग्राहकों को दोबारा खरीदारी के लिए प्रोत्साहित करने का एक तरीका हो सकते हैं। स्टोर मालिक अलग-अलग अभियानों के लिए अलग-अलग वाउचर बना सकते हैं और उनकी वैधता, छूट या इस्तेमाल की शर्तें तय कर सकते हैं। हालांकि, वाउचर की शर्तों को स्पष्ट रखना जरूरी है। स्टोर मालिकों को वाउचर की वैधता, न्यूनतम खरीदारी राशि और इस्तेमाल की सीमाएँ पहले से बतानी चाहिए। वाउचर के दुरुपयोग या अनधिकृत इस्तेमाल से बचने के लिए सुरक्षित कोड का इस्तेमाल करना भी जरूरी है।
वाउचर से भुगतान कैसे स्वीकार करें
वाउचर स्वीकार करने के लिए स्टोर मालिक अपने ऑनलाइन स्टोर में वाउचर या छूट कोड की सुविधा शुरू कर सकते हैं। ग्राहक चेकआउट के समय वाउचर कोड दर्ज करके उसके अनुसार मिलने वाली छूट का लाभ उठा सकते हैं। Shopify स्टोर मालिक ग्राहकों के लिए छूट कोड बना सकते हैं और उनकी राशि, प्रतिशत, वैधता अवधि तथा इस्तेमाल की शर्तें तय कर सकते हैं। इससे ग्राहक खरीदारी के समय लागू वाउचर का इस्तेमाल कर सकते हैं।
11. लॉयल्टी पॉइंट और स्टोर क्रेडिट
कुछ ईकॉमर्स स्टोर ग्राहकों को जमा किए गए लॉयल्टी पॉइंट्स का इस्तेमाल पूरी या आंशिक खरीदारी के भुगतान के लिए करने की सुविधा देते हैं। ग्राहक हर ऑर्डर पर खर्च की गई राशि के आधार पर पॉइंट्स कमा सकते हैं और उन्हें भविष्य की खरीदारी में रिडीम कर सकते हैं। स्टोर मालिक लॉयल्टी प्रोग्राम में अतिरिक्त फायदे भी जोड़ सकते हैं, जैसे नए प्रोडक्ट की जल्दी खरीदारी का मौका, खास ऑफर या VIP इवेंट का एक्सेस।
लॉयल्टी पॉइंट्स और स्टोर क्रेडिट के फायदे और नुकसान
लॉयल्टी पॉइंट्स और स्टोर क्रेडिट ग्राहकों को दोबारा खरीदारी करने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं और ग्राहकों के साथ लंबे समय तक संबंध बनाने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, इन सिस्टम को मैनेज करने से पेमेंट और ऑर्डर प्रोसेसिंग में अतिरिक्त जटिलता आ सकती है। जब ग्राहक नकद या अन्य भुगतान तरीके के बजाय पॉइंट्स या स्टोर क्रेडिट का इस्तेमाल करते हैं, तो उस लेनदेन से मिलने वाला तत्काल राजस्व भी कम हो सकता है।
लॉयल्टी पॉइंट्स और स्टोर क्रेडिट कैसे स्वीकार करें
Shopify पर लॉयल्टी पॉइंट्स और स्टोर क्रेडिट स्वीकार करने के लिए स्टोर मालिक Shopify App Store में उपलब्ध लॉयल्टी ऐप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये ऐप ग्राहकों के पॉइंट्स कमाने, रिडीम करने और स्टोर क्रेडिट बैलेंस को मैनेज करने में मदद कर सकते हैं। स्टोर मालिक अपने Shopify स्टोर में उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर ग्राहकों को मैन्युअल रूप से स्टोर क्रेडिट भी दे सकते हैं। लॉयल्टी प्रोग्राम शुरू करने से पहले पॉइंट्स कमाने और रिडीम करने के नियम, पॉइंट्स की वैल्यू और स्टोर क्रेडिट की शर्तें स्पष्ट रूप से तय कर लें।
भारत में भुगतान के तरीके
भारत में ग्राहकों की भुगतान प्राथमिकताएँ तेजी से डिजिटल भुगतान की ओर बढ़ी हैं। ऑनलाइन स्टोर चलाने वाले व्यवसायों को भारत में UPI, क्रेडिट और डेबिट कार्ड, डिजिटल वॉलेट, नेट बैंकिंग, कैश ऑन डिलीवरी (COD) और अन्य स्थानीय भुगतान विकल्पों को ध्यान में रखना चाहिए।
भारत में भुगतान की प्राथमिकताएँ
UPI भारत में खुदरा भुगतान का सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाला तरीका है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के अनुसार, वित्त वर्ष 2023–24 में खुदरा भुगतान की कुल लेनदेन संख्या में UPI की हिस्सेदारी 79.6% थी। इसी अवधि में UPI लेनदेन की संख्या 13,113 करोड़ तक पहुंच गई।
UPI का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। NPCI के अनुसार, अगस्त 2026 में UPI पर 24.51 अरब (2,450.9 करोड़) लेनदेन हुए, जिनकी कुल राशि लगभग ₹29.82 लाख करोड़ थी। इस दौरान 752 बैंक UPI पर लाइव थे।
भारत में डिजिटल वॉलेट, कार्ड और कैश ऑन डिलीवरी
Worldpay की 2026 Global Payments Report के अनुसार, 2025 में भारत के ईकॉमर्स लेनदेन के कुल मूल्य में डिजिटल वॉलेट की हिस्सेदारी 68% थी। रिपोर्ट के अनुसार, इसी अवधि में कार्ड से होने वाले ऑनलाइन भुगतान की हिस्सेदारी 21% थी, जबकि पेमेंट ऑन डिलीवरी की हिस्सेदारी लगभग 6% थी। भारत में डिजिटल वॉलेट का इस्तेमाल स्थानीय भुगतान प्रणालियों, खासकर बैंक खाते से सीधे होने वाले भुगतान और UPI, से जुड़ा हुआ है। Worldpay के अनुसार, भारत जैसे अकाउंट-टू-अकाउंट भुगतान वाले बाजारों में डिजिटल वॉलेट सीधे बैंक भुगतान प्रणालियों से जुड़ते हैं।
कैश ऑन डिलीवरी भी भारतीय ईकॉमर्स में अभी प्रासंगिक है, हालांकि डिजिटल भुगतान के बढ़ने के साथ इसका इस्तेमाल कम हुआ है। Worldpay के 2026 डेटा के अनुसार, 2025 में भारत के ऑनलाइन भुगतान मूल्य में पेमेंट ऑन डिलीवरी की हिस्सेदारी लगभग 6% थी। भारत में ऑनलाइन स्टोर के लिए भुगतान विकल्प चुनते समय व्यवसायों को केवल एक भुगतान तरीका उपलब्ध कराने के बजाय अपने ग्राहकों की प्राथमिकताओं, ऑर्डर के आकार और बिक्री चैनलों के आधार पर कई भुगतान विकल्प देने पर विचार करना चाहिए।
अपने बिज़नेस के लिए सही भुगतान तरीके कैसे चुनें
आपको अपने स्टोर पर केवल एक भुगतान तरीका देने की जरूरत नहीं है। अलग-अलग ग्राहक अलग-अलग तरीकों से भुगतान करना पसंद कर सकते हैं। भारत में ऑनलाइन स्टोर के लिए UPI, क्रेडिट और डेबिट कार्ड, डिजिटल वॉलेट, नेट बैंकिंग, कैश ऑन डिलीवरी (COD) और अन्य भुगतान विकल्पों का सही मिश्रण चुनना आपके ग्राहकों और बिज़नेस मॉडल पर निर्भर करता है।
1. अपने ग्राहकों की जगह और भुगतान की पसंद समझें
आपके ग्राहक कहाँ रहते हैं, इसका सीधा असर इस बात पर पड़ता है कि आपको कौन-से भुगतान तरीके स्वीकार करने चाहिए। भारत में UPI ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के भुगतानों में प्रमुख भूमिका निभाता है। RBI के अनुसार, वित्त वर्ष 2023–24 में खुदरा भुगतान की कुल लेनदेन संख्या में UPI की हिस्सेदारी 79.6% थी। UPI का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। NPCI के अनुसार, अगस्त 2026 में UPI पर 24.51 अरब लेनदेन हुए, जिनकी कुल राशि लगभग ₹29.82 लाख करोड़ थी। इस दौरान 752 बैंक UPI पर लाइव थे।
इसलिए भारत में बेचने वाले स्टोर के लिए UPI को भुगतान विकल्पों में शामिल करना महत्वपूर्ण है। उदाहरण के लिए, ग्राहक Google Pay, PhonePe या Paytm जैसे ऐप से UPI के जरिए भुगतान कर सकते हैं। अपने Shopify एडमिन में ऑर्डर और भुगतान से जुड़े आंकड़ों की समीक्षा करके यह भी देखें कि ग्राहक किन भुगतान तरीकों का सबसे अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर आपने शुरुआत में कई भुगतान विकल्प सक्रिय कर दिए हैं, लेकिन कुछ का इस्तेमाल बहुत कम हो रहा है, तो उन्हें बनाए रखने से चेकआउट अनावश्यक रूप से जटिल हो सकता है।
2. अपने लक्षित ग्राहकों की आदतों को समझें
ग्राहकों की भुगतान पसंद समझने के लिए खरीदारी के बाद छोटा सर्वे किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, ऑर्डर की पुष्टि वाले ईमेल में पूछें कि ग्राहक UPI, कार्ड, COD या किसी अन्य भुगतान तरीके को क्यों पसंद करते हैं। आप वेबसाइट के साइन-अप फॉर्म में भी ऐसा सवाल जोड़ सकते हैं। अगर आपका लॉयल्टी प्रोग्राम है, तो सर्वे पूरा करने पर पॉइंट्स देकर ग्राहकों को प्रतिक्रिया देने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।
3. शुल्क और लागत की तुलना करें
हर भुगतान तरीके की लागत अलग हो सकती है और इसका असर आपके मुनाफे पर पड़ सकता है। भुगतान विकल्पों की तुलना करते समय केवल लेनदेन शुल्क न देखें। पेमेंट गेटवे का सेवा शुल्क, GST, अंतरराष्ट्रीय भुगतान शुल्क और अन्य लागू शुल्क भी जांचें। उदाहरण के लिए, Razorpay की वर्तमान मूल्य सूची के अनुसार, उसके सामान्य भुगतान गेटवे शुल्क में 2% प्लेटफॉर्म शुल्क लागू होता है और उस पर GST अलग से लागू होता है। हालांकि, नए व्यापारियों के लिए कुछ शर्तों के तहत सीमित अवधि के लिए 0% प्लेटफॉर्म शुल्क की पेशकश भी उपलब्ध है।
भुगतान तरीकों की तुलना करते समय इन बातों पर ध्यान दें:
- लेनदेन शुल्क: हर सफल भुगतान पर प्रतिशत के आधार पर शुल्क, तय शुल्क या दोनों लग सकते हैं।
- सेटअप और वार्षिक शुल्क: कुछ भुगतान सेवाएं खाता शुरू करने या बनाए रखने के लिए अतिरिक्त शुल्क ले सकती हैं।
- GST: लागू सेवा शुल्क पर GST लग सकता है।
- अंतरराष्ट्रीय भुगतान शुल्क: विदेशों में बेचने पर अंतरराष्ट्रीय कार्ड और मुद्रा बदलने से जुड़े अतिरिक्त शुल्क लग सकते हैं।
- रिफंड और विवाद शुल्क: कुछ भुगतान सेवा प्रदाता रिफंड या भुगतान विवाद से जुड़े अतिरिक्त शुल्क ले सकते हैं।
4. सुरक्षा और धोखाधड़ी से बचाव को प्राथमिकता दें
भुगतान तरीका चुनते समय ग्राहक के भुगतान और व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। भारत में भुगतान सेवा प्रदाताओं के लिए RBI ने सुरक्षा, धोखाधड़ी से बचाव, शिकायत निवारण और विवाद समाधान से जुड़े नियम निर्धारित किए हैं। भुगतान प्रदाता चुनते समय इन बातों की जांच करें:
- PCI DSS अनुपालन: अगर आप कार्ड भुगतान स्वीकार करते हैं, तो कार्डधारक के डेटा की सुरक्षा के लिए PCI DSS जैसे सुरक्षा मानकों का पालन महत्वपूर्ण है।
- एन्क्रिप्शन और टोकनाइजेशन: ये तकनीकें संवेदनशील भुगतान जानकारी को सुरक्षित रखने में मदद करती हैं।
- RBI के नियमों का पालन: भारत में भुगतान सेवा देने वाले प्रदाता पर लागू RBI के नियमों और आवश्यकताओं की जांच करें।
- धोखाधड़ी से बचाव: ऐसे प्रदाता की तलाश करें जो संदिग्ध लेनदेन की पहचान और जोखिम की निगरानी जैसी सुविधाएं देता हो।
- शिकायत और विवाद समाधान: ग्राहक और व्यापारी दोनों के लिए शिकायत दर्ज करने और उसका समाधान पाने की स्पष्ट प्रक्रिया होनी चाहिए। RBI के नियमों में Payment Aggregators के लिए शिकायत निवारण और विवाद समाधान की व्यवस्था का प्रावधान है।
5. अपने भुगतान विकल्पों को जांचते और बेहतर करते रहें
भुगतान विकल्प सक्रिय करने के बाद यह देखें कि ग्राहक उनका इस्तेमाल कैसे कर रहे हैं। Shopify के आंकड़ों और अपने पेमेंट गेटवे की रिपोर्ट की मदद से आप पता लगा सकते हैं कि ग्राहक किस भुगतान तरीके को चुन रहे हैं और किन चरणों पर भुगतान पूरा नहीं कर रहे हैं।
इन आंकड़ों पर नजर रखें:
- चेकआउट छोड़ने की दर: कितने ग्राहक चेकआउट शुरू करने के बाद खरीदारी पूरी नहीं करते।
- भुगतान तरीके का इस्तेमाल: ग्राहक UPI, कार्ड, नेट बैंकिंग, डिजिटल वॉलेट या COD में से कौन-सा विकल्प कितनी बार चुनते हैं।
- भुगतान विफलता दर: कितने भुगतान असफल होते हैं, जैसे कार्ड अस्वीकार होना या भुगतान प्रक्रिया पूरी न होना।
- सफल भुगतान दर: शुरू किए गए भुगतानों में से कितने सफलतापूर्वक पूरे होते हैं।
- रिफंड और विवाद: अलग-अलग भुगतान तरीकों से कितने रिफंड या भुगतान विवाद जुड़े हैं।
भुगतान स्वीकार करते समय होने वाली सामान्य गलतियाँ
ऑनलाइन भुगतान स्वीकार करने वाले स्टोर मालिकों को कुछ सामान्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, जो भुगतान पूरा होने की दर और बिक्री को प्रभावित कर सकती हैं। यहां भुगतान स्वीकार करते समय होने वाली आम गलतियां दी गई हैं, जिनसे बचना चाहिए:
1. बहुत कम भुगतान विकल्प देना
ग्राहकों को उनकी पसंदीदा भुगतान विधि उपलब्ध न कराने से वे खरीदारी पूरी किए बिना वापस जा सकते हैं। भारत में भुगतान की पसंद ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण है। Cybersource और PYMNTS के Global Digital Shopping Index 2023: India Edition के अनुसार, भारतीय खरीदारों के लिए पसंदीदा भुगतान विधि उपलब्ध होना सबसे महत्वपूर्ण डिजिटल सुविधाओं में शामिल था। अध्ययन में भारत के 1,638 उपभोक्ताओं को शामिल किया गया था। इसलिए भारतीय ऑनलाइन स्टोर पर UPI, क्रेडिट और डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग और जरूरत के अनुसार कैश ऑन डिलीवरी (COD) जैसे विकल्प देना उपयोगी हो सकता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी ऑनलाइन कपड़ों की दुकान के ग्राहक मुख्य रूप से UPI से भुगतान करते हैं, लेकिन स्टोर केवल कार्ड से भुगतान स्वीकार करता है, तो कुछ ग्राहक खरीदारी पूरी किए बिना वापस जा सकते हैं।
2. मोबाइल पर भुगतान अनुभव को नजरअंदाज करना
मोबाइल फोन ऑनलाइन खरीदारी का महत्वपूर्ण माध्यम है। Worldpay के अनुसार, 2024 में वैश्विक ई-कॉमर्स खर्च में स्मार्टफोन की हिस्सेदारी 57% थी। यह वैश्विक आंकड़ा है, भारत-विशिष्ट आंकड़ा नहीं, लेकिन यह दिखाता है कि मोबाइल पर आसान भुगतान अनुभव को नजरअंदाज करना जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए भुगतान पृष्ठ छोटे पर्दे पर भी आसानी से इस्तेमाल किया जा सके। बटन स्पष्ट हों, भुगतान की जानकारी भरना आसान हो और UPI से भुगतान करने के बाद ग्राहक आसानी से स्टोर पर वापस आ सके। उदाहरण के लिए, यदि मोबाइल पर भुगतान बटन दिखाई नहीं देता या UPI ऐप से भुगतान करने के बाद ग्राहक को स्टोर पर वापस आने में समस्या होती है, तो भुगतान अधूरा रह सकता है।
3. स्थानीय भुगतान प्राथमिकताओं को नजरअंदाज करना
हर देश में ग्राहक एक जैसी भुगतान विधियों का इस्तेमाल नहीं करते। भारत में UPI और उससे जुड़े भुगतान ऐप ऑनलाइन खरीदारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। Cybersource के भारत संबंधी अध्ययन में ऑनलाइन खरीदारी के लिए डिजिटल वॉलेट इस्तेमाल करने वाले 65% उपभोक्ताओं की पहचान हुई। इसी अध्ययन में बताया गया कि ऑनलाइन खरीदारी के दौरान डिजिटल वॉलेट से भुगतान करने वाले भारतीय उपभोक्ताओं में 76.8% के भुगतान के पीछे UPI माध्यम था। इसलिए भारत में बेचने वाले स्टोर को स्थानीय भुगतान आदतों के अनुसार विकल्प देने चाहिए। उदाहरण के लिए, Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे UPI ऐप से भुगतान की सुविधा देना भारतीय ग्राहकों के लिए उपयोगी हो सकता है। अगर आपका स्टोर दूसरे देशों में भी बेचता है, तो हर बाजार में इस्तेमाल होने वाली भुगतान विधियों को अलग से समझें। किसी दूसरे देश में लोकप्रिय भुगतान विकल्प भारत में उतने उपयोगी नहीं हो सकते।
4. भुगतान सुरक्षा और नियमों की अनदेखी करना
ऑनलाइन भुगतान स्वीकार करते समय ग्राहक की भुगतान जानकारी की सुरक्षा और लागू नियमों का पालन जरूरी है। RBI की भुगतान एकत्रीकरण और भुगतान गेटवे संबंधी रूपरेखा में सूचना सुरक्षा, जोखिम आकलन, एन्क्रिप्शन और PCI DSS जैसे सुरक्षा मानकों का उल्लेख किया गया है। भारत में कार्ड की वास्तविक जानकारी को सुरक्षित रखने के संबंध में RBI ने भी स्पष्ट नियम बनाए हैं। 1 जनवरी 2022 से कार्ड जारीकर्ता और कार्ड नेटवर्क के अलावा कार्ड लेनदेन से जुड़ी अन्य संस्थाओं को वास्तविक कार्ड-ऑन-फाइल जानकारी संग्रहित करने की अनुमति नहीं है; इसके लिए टोकन का इस्तेमाल किया जाता है। उदाहरण के लिए, किसी Shopify स्टोर को ग्राहकों के कार्ड नंबर अपने सिस्टम में अलग से संग्रहित करने के बजाय ऐसे भुगतान गेटवे का इस्तेमाल करना चाहिए जो लागू सुरक्षा और नियामकीय आवश्यकताओं के अनुसार भुगतान प्रक्रिया संभालता हो।
5. भुगतान से जुड़े आंकड़ों पर नजर न रखना
यदि स्टोर मालिक भुगतान असफल होने की दर पर नजर नहीं रखते, तो भुगतान प्रक्रिया में आ रही समस्याओं का पता देर से चल सकता है। इससे कई ऑर्डर प्रभावित होने के बाद ही समस्या सामने आ सकती है।
हर महीने इन आंकड़ों की समीक्षा करें:
- कितने भुगतान सफल हुए
- कितने भुगतान असफल हुए
- कौन-सी भुगतान विधि सबसे अधिक इस्तेमाल हुई
- किस भुगतान विधि में सबसे अधिक भुगतान असफल हुए
- कितने भुगतान लंबित रहे
- कितनी धनवापसी हुई
- भुगतान से जुड़ी कितनी शिकायतें आईं
उदाहरण के लिए, अगर किसी स्टोर पर UPI से भुगतान करने वाले ग्राहकों की संख्या अधिक है, लेकिन किसी खास बैंक या भुगतान ऐप से भुगतान बार-बार असफल हो रहा है, तो स्टोर मालिक भुगतान गेटवे की रिपोर्ट देखकर इस समस्या की पहचान कर सकता है।
6. भुगतान शुल्क की नियमित समीक्षा न करना
भुगतान गेटवे का शुल्क भुगतान विधि, लेनदेन के प्रकार और आपके मूल्य निर्धारण समझौते के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। इसके अलावा, समय के साथ शुल्क और सेवा की शर्तें बदल सकती हैं। इसलिए केवल शुरुआत में शुल्क देखकर भुगतान गेटवे चुनना पर्याप्त नहीं है। उदाहरण के लिए, Razorpay की वर्तमान मानक कीमत 2% प्लेटफॉर्म शुल्क और लागू GST है, जबकि कुछ नए व्यापारियों के लिए सीमित अवधि का 0% प्लेटफॉर्म शुल्क प्रस्ताव भी उपलब्ध है। इसलिए किसी भी भुगतान सेवा का इस्तेमाल करने से पहले उसकी वर्तमान शुल्क संरचना और लागू शर्तों की जांच करनी चाहिए।
कुल लागत समझने के लिए इन शुल्कों की जांच करें:
- प्रति लेनदेन शुल्क
- GST
- सेटअप शुल्क
- वार्षिक रखरखाव शुल्क
- धनवापसी से जुड़े शुल्क
- अंतरराष्ट्रीय भुगतान शुल्क
- तत्काल भुगतान निपटान से जुड़े शुल्क
- विवाद या भुगतान वापसी से जुड़े शुल्क
उदाहरण के लिए, यदि किसी भुगतान सेवा का शुल्क 2% है और ग्राहक ₹1,000 का भुगतान करता है, तो शुल्क ₹20 होगा। यदि इस शुल्क पर 18% GST लागू होता है, तो कुल शुल्क ₹23.60 होगा। यह केवल समझाने के लिए उदाहरण है; वास्तविक शुल्क आपके भुगतान सेवा प्रदाता और आपके खाते की शर्तों पर निर्भर करेगा।
Shopify पर भुगतान कैसे स्वीकार करें
भारत में Shopify स्टोर पर भुगतान स्वीकार करने के लिए स्टोर मालिक Shopify के साथ उपलब्ध तृतीय-पक्ष भुगतान गेटवे और अन्य भुगतान सेवाओं को जोड़ सकते हैं। इनके जरिए ग्राहक UPI, क्रेडिट और डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग, डिजिटल वॉलेट और जरूरत के अनुसार अन्य भुगतान विकल्पों से भुगतान कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, भारत में Shopify स्टोर मालिक Razorpay जैसे भुगतान गेटवे को जोड़कर UPI, कार्ड, नेट बैंकिंग, वॉलेट और अन्य भुगतान विकल्प स्वीकार कर सकते हैं। उपलब्ध भुगतान विधियां आपके चुने हुए भुगतान सेवा प्रदाता, स्टोर की जगह और खाते की शर्तों पर निर्भर करती हैं। Shopify Payments कुछ देशों में उपलब्ध है, लेकिन भारत में Shopify Payments वर्तमान में उपलब्ध नहीं है। इसलिए भारतीय स्टोर मालिकों को Shopify Payments की जगह Shopify के साथ उपलब्ध तृतीय-पक्ष भुगतान प्रदाताओं का इस्तेमाल करना पड़ता है। अपने स्टोर के लिए भुगतान सेवा चुनने से पहले उसकी शुल्क संरचना, उपलब्ध भुगतान विधियां, धनवापसी प्रक्रिया और Shopify के साथ एकीकरण की जांच करें।
भुगतान विधियों से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
भुगतान प्रक्रिया का शुल्क कितना होता है?
भुगतान प्रक्रिया का शुल्क आपके द्वारा चुनी गई भुगतान विधि, भुगतान सेवा प्रदाता और Shopify प्लान पर निर्भर करता है। भारत में Shopify स्टोर पर तृतीय-पक्ष भुगतान प्रदाता का इस्तेमाल करने पर आपको आम तौर पर भुगतान प्रदाता का शुल्क और Shopify की तृतीय-पक्ष लेनदेन शुल्क, दोनों का भुगतान करना पड़ सकता है। Shopify के भारत के वर्तमान मूल्य निर्धारण के अनुसार, यह अतिरिक्त शुल्क प्लान के अनुसार अलग-अलग है: Basic पर 2%, Grow पर 1% और Advanced पर 0.6%। इसके अलावा, भुगतान प्रदाता अपना अलग शुल्क ले सकता है। उदाहरण के लिए, Razorpay अपनी मानक घरेलू भुगतान दर 2% से शुरू होने की जानकारी देता है। इसलिए किसी भुगतान सेवा को चुनने से पहले Shopify शुल्क और भुगतान प्रदाता के शुल्क को मिलाकर कुल लागत देखें।
क्या डिजिटल वॉलेट सुरक्षित होते हैं?
डिजिटल वॉलेट और टोकन आधारित कार्ड भुगतान सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत दे सकते हैं। टोकनाइजेशन में वास्तविक कार्ड नंबर की जगह एक अलग, सुरक्षित कोड यानी टोकन का इस्तेमाल किया जाता है। RBI के अनुसार, टोकनयुक्त कार्ड लेनदेन में व्यापारी के साथ वास्तविक कार्ड विवरण साझा नहीं किए जाते।
हालांकि, किसी भी डिजिटल भुगतान को पूरी तरह जोखिम-मुक्त नहीं मानना चाहिए। ग्राहकों को अपने भुगतान ऐप, फोन और खाते की सुरक्षा बनाए रखनी चाहिए और स्टोर मालिकों को विश्वसनीय भुगतान प्रदाताओं तथा सुरक्षित चेकआउट का इस्तेमाल करना चाहिए।
भुगतान धोखाधड़ी को कैसे कम करें?
Shopify का Fraud Analysis ऑर्डर से जुड़े विभिन्न संकेतों का विश्लेषण करके संभावित जोखिम वाले ऑर्डर की पहचान करने में मदद करता है। इसमें भुगतान और ग्राहक की जानकारी, स्थान, उपकरण और नेटवर्क गतिविधि जैसी जानकारी शामिल हो सकती है। उच्च जोखिम वाले ऑर्डर को पूरा करने से पहले स्टोर मालिक उनकी समीक्षा कर सकते हैं।
भारत में तृतीय-पक्ष भुगतान प्रदाता इस्तेमाल करने वाले स्टोर मालिकों को अपने प्रदाता से उपलब्ध धोखाधड़ी रोकथाम सुविधाओं की भी जांच करनी चाहिए। Shopify के अनुसार, तृतीय-पक्ष भुगतान प्रदाता इस्तेमाल करने पर कुछ धोखाधड़ी विश्लेषण सुविधाओं की उपलब्धता प्रदाता और Shopify प्लान पर निर्भर करती है। उदाहरण के लिए, यदि किसी ऑर्डर में असामान्य भुगतान गतिविधि, ग्राहक की जानकारी और स्थान के बीच असंगति या कई कार्ड से बार-बार भुगतान का प्रयास दिखाई देता है, तो ऑर्डर को भेजने से पहले उसकी अतिरिक्त जांच की जा सकती है।
भुगतान गेटवे और भुगतान प्रोसेसर में क्या अंतर है?
भुगतान गेटवे वह तकनीक है जो ग्राहक के भुगतान की जानकारी को सुरक्षित रूप से भुगतान प्रणाली तक पहुंचाती है। भुगतान प्रोसेसर भुगतान को अधिकृत करने के लिए ग्राहक के बैंक या कार्ड नेटवर्क के साथ संचार करता है और भुगतान प्रक्रिया को पूरा करने में मदद करता है। व्यवहार में, कई भुगतान सेवा प्रदाता इन दोनों भूमिकाओं को एक ही सेवा में जोड़ देते हैं। Shopify के अनुसार, भुगतान गेटवे ग्राहक और व्यापारी के बीच लेनदेन की जानकारी पहुंचाने का माध्यम है और भुगतान जानकारी को सुरक्षित रूप से भेजने में मदद करता है। उदाहरण के लिए, भारत में कोई Shopify स्टोर Razorpay जैसे भुगतान गेटवे को जोड़ सकता है। ग्राहक चेकआउट पर UPI या कार्ड चुनता है और भुगतान गेटवे भुगतान की जानकारी को संबंधित भुगतान नेटवर्क के जरिए संसाधित करता है।
सबसे जल्दी भुगतान राशि कैसे प्राप्त करें?
भुगतान राशि आपके बैंक खाते में कब पहुंचेगी, यह भुगतान सेवा प्रदाता की निपटान व्यवस्था, आपके खाते और चुनी गई सेवा पर निर्भर करता है। कुछ भारतीय भुगतान प्रदाता नियमित निपटान के अलावा T+0 यानी उसी दिन निपटान जैसी सुविधाएं भी देते हैं, जिनसे पात्र व्यापारियों को भुगतान राशि सामान्य निपटान अवधि से पहले मिल सकती है। हालांकि, इसके लिए अतिरिक्त शुल्क लागू हो सकता है। उदाहरण के लिए, यदि कोई भुगतान गेटवे सामान्य रूप से T+1 या T+2 निपटान देता है, तो व्यापारी को भुगतान राशि अगले या उसके बाद के कार्यदिवस में मिल सकती है। T+0 सुविधा उपलब्ध होने पर पात्र व्यापारी उसी दिन राशि प्राप्त कर सकता है। इसलिए भुगतान सेवा चुनते समय केवल प्रति लेनदेन शुल्क ही नहीं, बल्कि निपटान की अवधि, तत्काल निपटान का शुल्क और धनवापसी की प्रक्रिया भी देखें।

